तेरा ख़्याल ज़ेहन से जाता ही नहीं शायरी

    तेरा ख़्याल ज़ेहन से जाता ही नहीं है। तेरे बग़ैर दिल मुस्कुराता ही नहीं है। जब खींचती है बाँहों में तेरी तमन्ना- तेरे सिवा कुछ नज़र आता ही नहीं है। also read- yaad shayari कितना प्यार है तुमसे, कैसे तुमे अपनी शायरी के सहारे बताऊँ…. महसूस कर मेरे एहसास को, अब गवाह मैं …

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